
रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी के 100 से अधिक तीर्थयात्री नेपाल में फंसे, बचाव के प्रयास जारी।
नेपाल के रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी के 100 से अधिक तीर्थयात्री फंस गए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 21 लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है, जबकि अन्य के परिवारों ने सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील की है।
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नेपाल के रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में बाढ़ आने से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय तीर्थयात्री फंस गए हैं।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद फंसे तमिलनाडु के पर्यटकों के रिश्तेदारों ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं.
नेपाल पुलिस के मुताबिक़, रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में अब तक 277 से ज़्यादा लोगों के मारे गए हैं. आपदा के समय इस इलाक़े में मौजूद 500 से ज़्यादा पर्यटकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है.
गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिए लिखा है कि तमिलनाडु के 21 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर लिया गया है. उन्होंने बचाए गए लोगों की सूची जारी की है.
तमिलनाडु से 57 और 49 लोगों के दो अलग-अलग समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए थे. टूर ऑपरेटरों से मिली जानकारी के मुताबिक़, तमिलनाडु और पुडुचेरी के कम से कम 106 तीर्थयात्री इस समय नेपाल में फंसे हुए हैं.
तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से 49 तीर्थयात्रियों का एक समूह चेन्नई के पास क्रोमपेट में स्थित निजी पर्यटन कंपनी महादेव कैलाश यात्रा के जरिए रवाना हुआ था. 57 तीर्थयात्रियों का एक अन्य समूह कुंभकोणम स्थित एक टूर ऑपरेटर के जरिए गया था. अब कुंभकोणम की टूरिज़्म कंपनी ने बताया है कि इनमें से 21 यात्री सुरक्षित हैं.
वल्लीनायकी की रिश्तेदार वसंती ने बीबीसी तमिल को बताया कि त्रिची की वल्लीनायकी, शिवरंजनी और करपगम सुरक्षित हैं और उन्हें आज रात काठमांडू लाया जाएगा. उन्होंने कहा, "हमने आज सुबह उनसे वीडियो कॉल पर बात की थी. उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर से उन्हें एक सुरक्षित जगह पर लाया गया. उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर बारिश हो रही है और वे आज दोपहर बाद या कल काठमांडू पहुंचेंगे."
होसुर के रघुनाथन भी कुंभकोणम टूरिज़्म कंपनी के जरिए यात्रा करने वालों में शामिल थे. उनके रिश्तेदार आकाश ने बीबीसी तमिल को बताया, "कल शाम सेना के हेलीकॉप्टरों से उन्हें त्रिशूली के सेना शिविर में लाया गया था. यहां 11 लोग थे. वे आज सुबह सड़क के रास्ते काठमांडू के लिए रवाना हुए. बाकी समूह किसी दूसरी जगह पर है."
महादेव कैलाश यात्रा के कुमारवेल नागप्पन ने कहा, "हमारी संस्था के जरिए कुल 49 लोग गए थे. बाढ़ के समय वे सभी नेपाल की एक इमिग्रेशन पोस्ट पर थे. हम अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनमें से कितने लोग सुरक्षित हैं."
कुंभकोणम की एक अन्य ट्रैवल कंपनी सुपर यात्रा एजेंसी के मालिक सैयद सादिक ने बताया, "नेपाल से हमें मिली ताजा जानकारी के मुताबिक़, काठमांडू से भेजे गए हेलीकॉप्टरों ने कुछ भारतीय नागरिकों को बचाया है. हमारी एजेंसी के जरिए गए 30 से ज़्यादा लोगों से हम संपर्क नहीं कर पाए हैं. इनमें मेरा बेटा उमर फारूक भी शामिल है."
कुंभकोणम के करनाकोल्लई अग्रहारम के साईनाथ सुब्रमणियम अपनी पत्नी जयलक्ष्मी रामनाथन और बेटी केथारा गौरी के साथ नेपाल गए थे. अब तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है. धर्मपुरी के तहसीलदार सुकुमार के नेतृत्व में अधिकारियों ने पुष्पा के परिवार से मुलाकात की और उन्हें बताया कि पुष्पा और प्रेमा वाणी दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें घर वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है.
तिरुवरूर ज़िले के परिवार भी जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. तिरुकन्नमंगई गांव की कलाईचेल्वी और वडुवूर इलाक़े के बालासुब्रमणियन से संपर्क नहीं हो पा रहा है. कुड्डालोर जिले के चिदंबरम, भुवनगिरी और नेवेली से 15 तीर्थयात्री भी कुंभकोणम स्थित एजेंसी के जरिए नेपाल गए थे. उनके परिवारों के मुताबिक़, समूह नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित तिमुरे कस्बे में ठहरा हुआ था. उन्होंने कहा, "बताया गया है कि दोनों वैन भूस्खलन की चपेट में आ गईं. वाहनों में सवार लोगों की स्थिति के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है."
वहीं पुडुचेरी के एक परिवार के लिए कुछ अच्छी ख़बर मिली है. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नेपाल में तीर्थयात्रा के लिए गई एक ही परिवार की तीन महिलाओं के रिश्तेदारों को बताया कि वे सुरक्षित हैं. गीता के बेटे विष्णु राम ने बताया कि उनकी मां गीता, बहन वैष्णवी और रिश्तेदार आनंदा सुंदरी ने बुधवार सुबह फ़ोन पर परिवार से बात की थी.
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बचाए गए तीर्थयात्रियों की घर वापसी की प्रक्रिया शुरू होगी।
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नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी में पानी और मिट्टी के बहाव के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ है। नेपाल में मरने वालों की संख्या 489 तक पहुंच गई है और 900 से अधिक लोग लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने बांध टूटने की खबरों को खारिज करते हुए इसे पानी का ओवरफ्लो बताया है।
A Himalayan collapse triggered a rapid flood that traveled 200km from the Nepal-Tibet border, causing fatalities in Nepal and reaching Maharajganj, India. Authorities issued warnings after the surge had already entered the river system.

नेपाल में विनाशकारी फ़्लैश फ़्लड से 469 लोगों की मृत्यु हो गई है और 977 लोग लापता हैं। आपदा के बाद चीन द्वारा समय पर चेतावनी न देने के आरोपों पर विवाद बढ़ गया है, हालांकि चीनी दूतावास ने इन दावों का खंडन किया है और सहयोग का वादा किया है।

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 332 लोगों की मौत हो गई है और 900 से अधिक लापता हैं। लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 300 भारतीय शामिल हैं। ईशा फ़ाउंडेशन के 80 तीर्थयात्रियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। रसुवागढ़ी सीमा चौकी का इलाका सबसे अधिक प्रभावित है।

नेपाल में बाढ़ के कारण 389 लोगों की मौत हो गई है और 910 लोग लापता हैं। लापता लोगों में विदेशी नागरिक, नेपाल सेना और पुलिस के कर्मी शामिल हैं। भारत और चीन समेत कई देश राहत कार्यों में जुटे हैं।
Nepal declined foreign search and rescue team offers after flash floods along the Bhotekoshi and Trishuli river systems killed at least 469 people and left hundreds missing, relying instead on domestic security forces.